मैं धडकनों को चूमूं तेरे,
चूमूं तेरे अहसास को,
कोई गिला-शिकवा न हो,
जब तू मेरे पास हो..!!
मस्ती भरी बाँहे तेरी,
मेरे जिस्म को जकड़े रहे,
साँसे तेरी गर्म रेत सी,
मेरे होंठ पर टिकती रहे,
जकड़े रहे हम दोनों ही,
मदहोश हो जाये समां,
इस रात को 'भारत'
कुछ ऐसा गजब समां बने,
कि चाँदनी की रोशनी में,
पुष्प भी खिलने लगे..!!
चूमूं तेरे अहसास को,
कोई गिला-शिकवा न हो,
जब तू मेरे पास हो..!!
मस्ती भरी बाँहे तेरी,
मेरे जिस्म को जकड़े रहे,
साँसे तेरी गर्म रेत सी,
मेरे होंठ पर टिकती रहे,
जकड़े रहे हम दोनों ही,
मदहोश हो जाये समां,
इस रात को 'भारत'
कुछ ऐसा गजब समां बने,
कि चाँदनी की रोशनी में,
पुष्प भी खिलने लगे..!!
khubsurat
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